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Wednesday, April 14, 2021

तांडव

 मौत हर राह पर खड़ी है

दरवाज़े के पीछे
बिस्तर के नीचे
आज उसका तांडव है
रिश्ते मायने नहीं रखते
हाथ खिलौनों से खेलने वाले हैं
या जिंदगी का हल जोतने वाले
आपका धर्म आपकी जाती आपका ओहदा
फर्क नहीं पड़ता है उसे
मौत तो आज बस मौका ढूंढ रही
उसकी भूख आज अथाह है

इंसान महान प्राणी है
ढूंढता अपनी पहचान है
इतिहास धर्म आस्था के पन्नो में
जहां जरूरत पड़ती है
सुविधानुसार पन्ने चिपका देता है
सच या झूठ तो बस कल्पना है
मौत ठहाके लगाकर हंसती है
लंबे नखों से प्राण उठाती है
झोली में भर लेती है

खोएंगे हम बहुत इंसानों को
जब तक थमेगा मौत का तांडव
और फिर खोएंगे हम वापस
इंसानों के फैलाये मायाजाल में
गाजर मूली की तरह तैयार होंगे
चंद इंसानों की भूख के लिए
मौत कोने में मंद मंद मुस्करायेगी
अपने नखों को तराशती

Monday, January 13, 2020

पहचान

जब तक जिंदा हूँ लाश हूँ
जिस दिन मर जाऊंगा
मेरी कौम ढूंढ लेना
जला देना या दफना देना
या लटका देना दरख़्तों पर
चील कौवे गिद्ध नोंच लेंगे

फितरत में मेरे कुछ नहीं है
फिर भी मैं सब कुछ हूँ
राजा भी हूँ रंक भी हूँ 
आज भी जीता हूँ 
इसी अहसास में
मैं हूँ मैं ही मैं हूँ

Monday, December 9, 2019

इंसान

भूखा है नंगा है डरा है
हर चौराहे पर इंसान खड़ा है

हर तरफ देशभक्ति का जलवा है
कोई बेच रहा दातून कोई गंजी
आम इंसान, खाने को दो रोटी नहीं

देश का हर नेता है महान
कभी वह भी था इंसान
सत्ता का मद हो चला इतना भारी
फर्क नहीं पड़ता बहे खून या पानी

Sunday, October 13, 2019

मंदिर

पहले मेरे मंदिर, मंदिर होते थे
एक टूटा फूटा रास्ता
और कई बार हम रस्ते ढूंढते थे
कई कंदराओं में से एक में
होते थे ईश विराजमान
हमसे आँख मिचोली करते हुए
पर उस जतन का अहसास अनूठा था
आप भी बस हाथ जोड़ कर
जो लाए होते थे वो अर्पित कर देते
बिना कुंठा या हीनभावना के

आज मंदिर मॉल लगते हैं
भगवान को छुपा दिया गया है
पैसों की मोटी दीवारों में
संगमरमर की दीवारें और सीढ़ियां
लम्बी लम्बी कतारें
मगर बड़ा पैसा आपको ले जाता है
मूर्ती के मुहाने तक
मंदिर के रस्ते खड़े रहते हैं सौदागर
और आप भी अपनी भक्ति
थाल के व्यास से नाप रहे होते हैं
बस सोचता हूं
क्या भगवन बसते हैं अब वहाँ ?

Monday, August 20, 2018

जिंदगी एक फ़साना

हाड़ मांस का शरीर तो बना देते हैं
रूह डालना मुश्किल होता है
बदन पे चिपका देते हैं पैराहन
इंसान बनाना मुश्किल होता है

Friday, August 17, 2018

वो अटल

वो अटल था वो  रहेगा अटल
भीनी मुस्कान चरम मनोबल 
काल के कपाल पर वो लिखता था 
लिखता था और मिटाता था 

Sunday, June 3, 2018

मेहनत का कायल

उम्मीद उसी से होती है जो
मेहनत का कायल होता है।
वरना महलों के ख्वाब दिखाकर
दम भरने वाले बहुत देखे हैं।

Friday, May 25, 2018

हसीन फ़साना

ईमान आबरू सब बहुत कीमती थे 
बड़े सहेज के हमने संभाल  के रखे थे 
फिर एक दिन उनका भी खरीददार मिल गया 
जो एक बार बिका तो बिकता ही चला गया 

Monday, May 21, 2018

राजनीति

हिम्मत है तो तू बना सरकार 
नहीं, तो है तुझ पर धिक्कार 
कुबेर की पोटली खुली है 
उठा धन और बन जा मक्कार 

समझ का फेर

हर तरफ धुआं फैला है 
मैं उसे आसमान समझ बैठा 
जिंदगी को खत्म कर देती है मौत 
मैं उसे निर्वाण समझ बैठा 

Sunday, May 20, 2018

कठपुतलियाँ

कभी आपने कठपुतलियों का नाच देखा है। 
इंसान उँगलियों में धागा लपेटे 
एक रंगीन दुनिया बनाता है 
जहाँ अक्सर सब खुश रहते हैं 
अगर दुःख हो तो भी अंत तक आते आते 
सब सुखद और मंगलमय हो जाता है 


Saturday, May 19, 2018

The world

It's a strange strange world
For no reason
It gives a different life
To all around

Thursday, May 10, 2018

I saw death



I saw death
It was drop dead
As dead as it could be
It was black or white
Color does not matter

Friday, April 13, 2018

एक अश्क


एक अश्क गिरा आखँ के कोने से 
वो ऑंसू नहीं आइना था 
सरपट दौड़ी वह बूँद 
कहीं कोई अत्कार न कर दे 

Tuesday, April 10, 2018

नटखट छोटा बच्चा हूँ मैं




नटखट छोटा बच्चा हूँ मैं यो

यहाँ मत जाओ वहाँ मत जाओ
ये मत करो वो मत करो
ये मत बोलो वो मत बोलो
इतनी चूं चा में तो बस रो लो

Sunday, April 1, 2018

अब मैं पल नहीं जीता हूँ



अब मैं पल नहीं जीता हूँ 
बस उन्हें कैमरे में कैद कर लेता हूँ 
इस उम्मीद मैं की कभी भविष्य में 
उन पलों को निकालकर जी लूँगा 

Monday, March 19, 2018

Kings are Liars


He took a stick and put a cloth on it
He raised it high and called it a flag
Then he stood straight on his horse
And waved his hand all around him

This is the country we will make
This is the promise of a dreamland
We will go and conquer everyone
And change future of our children

Wednesday, March 8, 2017

चलो फिर एक शहर बनाएँ

चलो फिर एक शहर बनाएँ

जहाँ इंसान रहते हैं

धर्म जाती से उपर उठकर

बस ज़मीन और आसमान रहते हैं


Monday, February 20, 2017

शहरों की जिंदगी



शहरों के मकान इधर शुरू उधर ख़त्म 
उन चार दीवारों में गुम सी जिंदगी
हँसी जो होठों में सिमट जाती है
आँसू जो आखों में सूख जाते हैं


Friday, February 3, 2017

Let me drive long roads

Let me drive long roads
Reach to horizon and beyond
Touch the sky, where it meets eyes
Climb the mountains and deep dive

Let me drive long roads

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